अगर मैं ब्राह्मण हूं तो

ब्राम्हण प्रिविलेज क्या है ।
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अगर मैं ब्राह्मण हूं तो समाज में मुझे ज्यादा आदर मिलेगा और मेरे नाम के साथ जी या पंडित जोड़ा जाएगा ।
अगर मैं ब्राह्मण हूं तो मुझे देश की किसी भी हाउसिंग सोसाइटी में घर मिलने में दिक्कत नहीं होगी।
 सारे पब्लिक स्पेस मेरे लिए खुले होंगे।

 देशभर में हर जगह मेरे सांस्कृतिक अभिरुचि का भोजन परोसने वाले. रेस्टोरेंट्स मिल जाएंगे।

 अगर मेरे पड़ोसी या को ट्रेलर को अचानक मेरी जाति का पता चल जाए तो इसकी वजह से वह मुझसे नफरत नहीं करेगा ज्यादा ही मुझे नीची निगाह से देखेगा ।

अगर मैं ब्राह्मण हूं तो ब्राह्मण मैट्रिमोनी डॉट कॉम में अपनी बेटी या बेटा की प्रोफाइल डालने के बावजूद मुझे जातिवादी नहीं माना जाएगा ।

अगर मैं ब्राह्मण हूं तो इस बात के काफी मौके हैं कि. यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए होने वाले इंटरव्यू बोर्ड में मेरी जाति के लोग जरूर होंगे।
 अगर मैं ब्राह्मण हूं और गरीब हो तो भी मेरी इज्जत समाज में बनी रहेगी।

 एक गांव का एक गरीब ब्राह्मण कहानियों में ब्राह्मण को हमेशा विद्वान और नीतिवान माना जाता है।
 अगर मैं ब्राह्मण हूं तो मेरे बच्चों के सिलेबस में जो कहानियां या किताबें पढने को दी. जायेगी उनमें से ज्यादातर के लेखक मेरी जाति के होंगे ।

जब भारतीय संस्कृति या हिन्दू संस्कृति और सभ्यता की बात होगी तो मुझे मालूम होगा कि इसका निर्माण मेरी जाति के लोगों ने किया है ।

और मेरी जाति के शिखर पर है प्रदेश के किसी भी तीर्थ स्थान पर जाऊंगा तो वहां मेरे ठहरने की व्यवस्था हो जाएगी।

 अगर में विदेश जाउं तो वहां के भारतीय डायस्पोरा में मेरी जाति के. लोग बहुसंख्यक होगें और उन्हें डाइवर्सिटी के सिद्धांत के तहत एशियन कैटेगरी में होने का लाभ मिल रहा होगा ।

अमेरिका या यूरोप में डाइवर्सिटी प्रोग्राम के कारण काम मिलने के बावजूद मुझे कम टैलेंटेड नहीं माना जाएगा नहीं मैं खुद को कम टैलेंटेड मानूंगा ।

भारत में डाइवर्सिटी और ऑफर भी ट्रैक्शन का में विरोध करूंगा और इसके बावजूद मुझे जातिवादी नहीं माना. जाएगा ।

भारतीय शास्त्रीय संगीत के नाम पर जो कुछ सुना जा रहा है उसमें ज्यादातर मेरी जाति से संबंधित होगा।

 मुझे मंदिरों में पुजारी होने का शत प्रतिशत आरक्षण प्राप्त होने के बावजूद में आसानी से संवैधानिक आरक्षण का विरोध कर सकती हूं ।

जब मैं बोलूंगा तो लोग मेरे सरनेम के कारण डिफॉल्ट के तौर पर मान लेंगे कि मैं ज्ञान की बात कर रहा हूं बेशक उस विषय पर मेरा. ज्ञान शून्य होगा।

 मुझे देश के पचासी प्रतिशत बहुजन आबादी के बारे में कुछ भी नहीं पता हो तब भी मुझे पूरे भारतीय समाज का जानकार माना जाएगा।

 मेरे देशभक्ति स्वयंसिद्ध है और मेरी जाति के लोगों के विदेश का जासूस होने को मेरी जाति से जोड़कर नहीं देखा जाएगा ।

राष्ट्र की मुख्यधारा का में जनगणना सदस्य हूं प्राइवेट सेक्टर विशेषकर आईटी सेक्टर में मुझे नौकरी आसानी से मिल जाएगी क्योंकि मेरी जाति के लोग वहां के ज्यादातर शीर्ष पदों पर मौजूद है ।

लेकिन ऐसा होने के बावजूद मैं खुद को जातिवादी नहीं मानूंगी ।

मैं पिछड़ी और दलित जातियों के हक में बोलूंगा तो मुझे मानवतावादी और लोकतांत्रिक माना जाएगा।

 लेकिन यही काम पिछड़ी और दलित जाति का कोई आदमी करें तो उसे जातिवादी करार दिया जाएगा।

 मैं जब. चैनल खोलूंगा तो स्क्रीन पर खबर पढ़ने वाली या पढने वाला और विशेषज्ञों में ज्यादातर लोग मेरी जाति के होंगे।

 किसी भी विषय पर बहस में ऐसा समय शायद ही कभी होगा जब स्क्रीन पर मेरी जाति का कोई सदस्य ना हो ।

अखबारों में ज्यादातर लेखक मेरी जाति के लोगों द्वारा लिखे हुए होंगे जिनमें सिटी लाइब्रेरी की सेल्फ मेरी जाति के लोगों की लीखि. किताबों से भरी होगी ।

मैं बेवकूफी भरी हरकत कर सकता हूं कर सकती हूं और इसके लिए मेरी जाति को जिम्मेदार नहीं माना जाएगा।

 मैं इस बात के लिए खुद को महान मान सकता हूं कि मैंने दलित के साथ खाना शेयर किया है या में किसी दलित की शादी में गया था इस बात को मैं अपने जातिवादी न होने के प्रमाण के तौर पर पेश कर सकता हूं ।

अगर होस्टेल में मेरा रूममेट दलित या ओबीसी है तो इसे में अपनी जातिवादी न होने का सबूत के तौर पर पेश कर सकती हूं ।

अगर मैं ब्राह्मण हूं और मैंने कोई अपराध किया है तो इस बात के चांस है कि उच्च न्यायपालिका में मेरी केश को मेरे जाति का कोई जज सुन रहा होगा।

 अगर मैं अपराधी हूं तो इस वजह से मेरी जाति को अपराधी नहीं कहा जाएगा नहीं में. अपराध से मेरी जाति को जोड़कर देखा जाएगा

 अगर मैं ब्राह्मण हूं तो ब्राह्मण प्रिविलेज पर मेरी लिखी थीसीस छप जायेगी और उस रिसर्च जर्नल के संपादक बोर्ड में कई सदस्य मेरी ही जाति के होंगे. 

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